Tuesday, 6 October 2015

जामुन के फायदे (The Advantages of Black Berries)

jamun ke faayade
जामुन के फायदे 

जामुन खाने में तो स्वादिष्ट  होता ही साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी होते हैं। जामुन को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है – राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि। इसकी प्रकृति अम्लीय और कसैली होती है, लेकिन इसका स्वाद खाने में मीठा होता है। अम्लीय होने के कारण जामुन को नमक के साथ खाया जाता है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है। इसमें खनिजों की मात्रा अधिक होती है। इसके बीज में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। जामुन में आयरन, विटामिन और फाइबर पाया जाता है। आइए जानते हैं कि जामुन आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए कितना फायदेमंद है। 


जामुन के फायदे – 
जामुन शरीर की पाचनशक्ति को मजबूत करता है। जामुन खाने से पेट सं‍बंधित विकार कम होते हैं। 
मधुमेह के उपचार के लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मधुमेह के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर ठीक रहता है। 
जामुन में एंटी कैंसर के गुण भी पाये जाते हैं। कीमोथेरेपी और रेडिएशन में भी जामुन फायदेमंद होता है।
जामुन का पका हुआ फल खाने से पथरी में फायदा होता है। जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से पथरी में फायदा होता है। 
लीवर के लिए जामुन का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है। कब्ज और पेट के रोगों के लिए जामुन बहुत फायदेमंद होता है। 
मुंह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से छाले समाप्त हो जाते हैं। 
दस्त या खूनी दस्त होने पर जामुन बहुत फायदेमंद है। दस्त होने पर जामुन के रस को सेंधानमक के साथ मिलाकर खाने से दस्त होना बंद हो जाता है। 
मुंहासे होने पर, जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लीजिए। इस पाउडर में रात को सोते समय गाय का दूध मिलाकर चेहरे पर लगाइए, इस लेप को सुबह ठंडे पानी से धुल लीलिए। 
अगर आवाज फंस गई हो या फिर बोलने में दिक्कत हो रही हो तो, जामुन की गुठली के काढे से कुल्ला कीजिए। आवाज को मधुर बनाने के लिए जामुन का काढा बहुत फायदेमंद है। 
जामुन की छाल को बारीक पीसकर हर रोज मंजन करने से दांत मजबूत और रोगरहित होते हैं। 
एसिडिटी होने पर जामुन को काला नमक, भूना हुआ चूर्ण और काला नमक के साथ सेवन कीजिए। एसिडिटी समाप्त हो जाएगी। 


जामुन खाने में तो स्वादिष्ट होता ही साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी होते हैं। जामुन को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है – राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि। इसकी प्रकृति अम्लीय और कसैली होती है, लेकिन इसका स्वाद खाने में मीठा होता है। अम्लीय होने के कारण जामुन को नमक के साथ खाया जाता है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है। इसमें खनिजों की मात्रा अधिक होती है। इसके बीज में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। जामुन एक स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक फल है। जामुन आयरन, विटामिन और फाइबर पाया जाता है। आइए जानते हैं कि जामुन आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए कितना फायदेमंद है। 
 जामुन के फायदे – जामुन शरीर की पाचनशक्ति को मजबूत करता है। जामुन खाने से पेट सं‍बंधित विकार कम होते हैं। 
  • मधुमेह के उपचार के लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मधुमेह के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर ठीक रहता है। 
  • जामुन में एंटी कैंसर के गुण भी पाये जाते हैं। कीमोथेरेपी और रेडिएशन में भी जामुन फायदेमंद होता है।
  • जामुन का पका हुआ फल खाने से पथरी में फायदा होता है। जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से पथरी में फायदा होता है। लीवर के लिए जामुन का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है। कब्ज और पेट के रोगों के लिए जामुन बहुत फायदेमंद होता है। 
  • मुंह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से छाले समाप्त हो जाते हैं। 
  • दस्त या खूनी दस्त होने पर जामुन बहुत फायदेमंद है। दस्त होने पर जामुन के रस को सेंधानमक के साथ मिलाकर खाने से दस्त होना बंद हो जाता है। 
  • मुंहासे होने पर, जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लीजिए। इस पाउडर में रात को सोते समय गाय का दूध मिलाकर चेहरे पर लगाइए, इस लेप को सुबह ठंडे पानी से धुल लीलिए। 
  • अगर आवाज फंस गई हो या फिर बोलने में दिक्कत हो रही हो तो, जामुन की गुठली के काढे से कुल्ला कीजिए। आवाज को मधुर बनाने के लिए जामुन का काढा बहुत फायदेमंद है। 
  • जामुन की छाल को बारीक पीसकर हर रोज मंजन करने से दांत मजबूत और रोगरहित होते हैं। 
  • एसिडिटी होने पर जामुन को काला नमक, भूना हुआ चूर्ण और काला नमक के साथ सेवन कीजिए। एसिडिटी समाप्त हो जाएगी। 

चक्कर आने पर घरेलू उपचार (Swirl of domestic remedies)

चक्कर आने पर घरेलू उपचार के बारे में हम आपको बताएगें लेंकिन सब से पहले हम यह जान लेते है कि चक्कर आना किसे कहते है कभी-कभी किसी को चक्कर आते हैं, थोड़ी देर तक बैठे रहने के बाद जैसे ही उठते हैं, आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। ऐसा लगता होगा कि आपके चारो ओर की चीजें तेजी से घूम रही हैं। यह तब होता है, जब मस्तिष्क में रक्त की पूर्ति कम हो जाती है। रक्तचाप में अचानक कमी से भी यह स्थिति पैदा हो सकती है। घर में रखी चीजों द्धारा आप इस का उपचार कर सकती है। आइए जानें इन उपायों के बारें में-
 चक्कर आने पर घरेलू उपचार
  • पकने के बाद सूखी हुई लौकी को डण्ठल की तरफ से काट दें, ताकि अन्दर का खोखलापन दिखाई दे। अगर सूखा गूदा हो तो उसे निकाल दें। अब इसमें ऊपर तक पानी भर कर 12 घण्टे तक रखें फिर हिलाकर पानी निकाल कर साफ कपड़े छान लें। इस पानी को ऐसे बर्तन में भरें, जिसमें आप अपनी नाक डुबो सकें। नाक डुबोकर जोर से सांस खींचें, ताकि पानी नाक से अन्दर चढ़ जाए। पानी खींचने के बाद नाक नीची करके आराम करें। इस उपाय से चक्कर आने की समस्या सदा के लिए खत्म हो जाती है।
  • चक्कर आने पर तुलसी के रस में चीनी मिलाकर सेवन करने से या तुलसी के पत्तों में शहद मिलाकर चाटने से चक्कर आना बंद हो जाता है। 
  • चक्कर आने पर धनिया पाउडर दस ग्राम तथा आंवले का पाउडर दस ग्राम लेकर एक गिलास पानी में भिगो कर रख दें। सुबह अच्छी तरह मिलाकर पी लें। इससे चक्कर आने बंद हो जाते है।
  • सिर चकराने पर आधा गिलास पानी में दो लौंग डालकर उसे उबाल लें और फिर उस पानी को पी लें। इस पानी को पीने से लाभ मिलता है।
  • 10 ग्राम आंवला, 3 ग्राम काली मिर्च और 10 ग्राम बताशे को पीस लें। 15 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करें चक्कर आना बंद हो जाएगा।
  • जिन लोगों को चक्कर आते हैं उन्हें दोपहर के भोजन के 2 घंटे पहले और शाम के नाश्ते में फलों का जूस पीना चाहिए। रोजाना जूस पीने से चक्कर आने बंद हो जाएंगे। लेकिन ध्यान रखें कि जूस में किसी प्रकार का मीठा या मसाला नहीं डालें सदा जूस पियें। जूस की जगह चाहें तो ताजे फल भी खा सकते हैं।
  • नारियल का पानी रोज पीने से भी चक्कर आने बंद हो जाते है।
  • चाय व कॉफ़ी कम पीनी चाहिए। अधिक चाय व कॉफ़ी पीने से भी चक्कर आते हैं।
  • 20 ग्राम मुनक्का घी में सेंककर सेंधा नमक डालकर खाने से चक्कर आने बंद हो जाते है।
  • खरबूजे के बीजों को पीसकर घी में भुन लें। अब इसकी थोड़ी थोड़ी मात्रा सुबह शाम लें, इससे चक्कर आने की समस्या में बहुत लाभ होता है।
  • इन सब घरेलू उपायों को अपनाकर आप चक्कर आने की समस्या से निजात पा सकती है लेकिन अगर समस्या, गंभीर है तो तुरन्त डाक्टर से संपर्क करें।

गोरी त्वचा पाने के घरेलू उपाय (Domestic measures to get fair skin)

भारत में गोरेपन को खूबसूरती का पैमाना माना जाता है। इसीखूबसूरती को हासिल करने के लिए तरह-तरह के उपाय भी किए जाते हैं। महंगी से महंगी क्रीम, लोशन आदि सबका उपयोग किया जाता है। लेकिन यह भी सच है कि रंगत केवल एक ही रात में नही बदली जा सकती इसमें समय लगता है। अगर आप भी अपनी रंगत को गोरा करना चाहते है तो घर में उपलब्‍ध चीजों की सहायता से ऐसा किया जा सकता है।

आइए जानें घरेलू उपायों के बारें में-
  • एक बाल्टी ठण्डे या गुनगुने पानी में दो नींबू का रसमिलाकर गर्मियों में कुछ महीने तक नहाने से त्वचा का रंग निखरने लगता है।
  • आंवले का मुरब्बा रोज खाने से दो-तीन महीने में ही रंग निखरने लगता है।
  • गाजर का जूस आधा गिलास खाली पेट सुबह लेने से एक महीने में रंग निखरने लगता है।
  • पेट को हमेशा ठीक रखें, कब्ज न रहने दें।
  • अधिक से अधिक पानी पीएं।
  • चाय कॉफी का सेवन कम करें। 
  • रोजाना सुबह शाम खाना खाने के बाद थोड़ी मात्रा में सोंफ खाने से खून साफ होने लगता है और त्वचा की रंगत बदलने लगती है।
  • गोरी त्वचा पाने के घरेलू उबटन  - इन सब उपायों के अलावा आप विभिन्न प्रकार के घरेलू उबटन लगा कर भी अपनी त्वचा की रंगत निखारी जा सकती है।
 हल्दी पैक- त्वचा की रंगत को निखारने के लिए हल्दी एक अच्छा तरीका है। पेस्ट बनाने के लिए हल्दी और बेसन या फिर आटे का प्रयोग करें। हल्दी में ताजी मलाई, दूध और आटा मिला कर गाढा पेस्ट बनाएं, इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट लगाएं और ठंडे पानी से धो लें।
हनी आल्मड स्क्रब- बादाम भी रंगत निखारने का काम करता है। रात को 10 बादाम पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उसे छील कर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट में थोड़ा सा शहद मिलाएं और इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाकर स्क्रब करें।
चंदन- गोरी रंगत देने के अलावा यह एलर्जी और पिंपल को भी दूर करता है। पेस्ट बनाने के लिए चंदन पाउडर में 1 चम्मच नींबू और टमाटर का रस मिलाएं और पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन में अच्छी तरह से लगाकर थोड़ी देर बाद ठंडे पानी से धो लें। 

केसर पैक- उबटन बनाने के लिए आपको दही और क्रीम में थोड़ा सा केसर मिला लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद इसे धो लें। केसर के इस उबटन से भी कुछ दिन में आपकी त्वचा गोरी होने लगेगी।
चिरौंजी का पैक- गोरी रंगत के लिए मजीठ, हल्दी, चिरौंजी का पाउडर लें इसमें थोड़ा सा शहद, नींबू और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद चेहरा धो दें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का रंग निखर जाएगा।
मसूर दाल पैक- मसूर की दाल का पाउडर लें इसमें अंडे की जर्दी, नीबू का रस व कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बना लें। रोज इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं, सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। चेहरे का रंग निखर जाएगा।
बेसन का उबटन- बेसन 2 चम्मच, सरसों का तेल 1 चम्मच और थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्ट बना लें। पूरे शरीर पर इस उबटन को लगा लें। कुछ देर बाद हाथ से रगड कर छुडाएं और स्नान करें। त्वचा गोरी व मुलायम हो जाएगी।

इन सब घरेलू उपायों को अपना कर आप कुछ ही दिनों में स्वस्थ, सुंदर, चमकदार और गोरी त्वचा पा सकती है।

गुर्दे की पथरी के घरेलू उपचार (Home remedies for kidney stones)

pathri ke ilaaj ke gharelu nuskhe
दुनिया में लाखों ऐसे मरीज है जो गुर्दे की पथरी से परेशान है। यह रोग पीड़ा देने के साथ साथ और भी अनेक तकलीफ पैदा करता है। 
जब नमक एवं अन्य खनिज (जो आपके मूत्र में मौजूद होते हैं) वे एक दूसरे के संपर्क में आते है तो पथरी का निर्माण होने लगता है जो गुर्दे की पथरी के रूप में जाना जाता है। 
गुर्दे की पथरी का आकार अलग अलग हो सकता है; कुछ पथरी रेत के दानों की तरह  बहुत हीं छोटे आकार के होते हैं तो कुछ बहुत हीं बड़े। आमतौर पर छोटे मोटे पथरी मूत्र के जरिये शरीर के बाहर निकल जाया करते हैं लेकिन जो पथरी आकार में बड़े होते हैं वे मूत्र निष्काशन के समय  बाहर नहीं निकल पाते एवं  मूत्र के बाहर निकलने में बहुत ही बाधा डालते हैं  जिससे  बहुत हीं  पीड़ा उत्पन्न होती है। 


गुर्दे की पथरी होने के कुछ सामान्य लक्षण 
जब गुर्दे की पथरी मूत्रवाहिनी में घुमती है या इधर से उधर होती है तब बहुत हीं पीड़ा देती है। यदि आपको मूत्र विसर्जन के समय अक्सर पीड़ा का एहसास होता हो तो यह गुर्दे की पथरी का एक लक्षण हो सकता है। पीड़ा के अलावा मूत्र विसर्जन के वक़्त पेशाब में जलन हो तो यह काफी हद तक इस बात का संकेत देता है कि आपको गुर्दे की पथरी की समस्या है। लेकिन पेशाब में जलन कई और कारणों से भी हो सकते हैं। इसलिए घबराएं नहीं और अगर आपको पेशाब में जलन की शिकायत अक्सर होती हो तो डाक्टरी जाँच  अवश्य  करवाएं। भूख में कमी या भूख मिटना, पेशाब में बदबू, पेशाब में रक्त के अंश का पाया जाना एवं चक्कर आना गुर्दे की पथरी होने के कुछ अन्य लक्षण हैं।
मासिक धर्म के दौरान महिलाएं को अगर पेट (उदर)  के निचले भाग में अक्सर दर्द की शिकायत रहती हो तो यह भी गुर्दे की पथरी होने का संकेत हो सकता है।

गुर्दे की पथरी से निजात पाने के कुछ कारगर घरेलू उपाय 
अंगूर का सेवन करें : अंगूर गुर्दे की पथरी को दूर करने में बहुत हीं महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अंगूर प्राकृतिक मूत्रवर्धक के रूप में उत्कृष्ट रूप से कार्य करता है क्योंकि इनमें पोटेशियम नमक  और पानी भरपूर मात्रा में होते हैं। अंगूर में अलबूमीन और सोडियम क्लोराइड बहुत हीं कम मात्रा में होते हैं जिनकी वजह से इन्हें गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बहुत हीं उत्तम माना जाता है।
 
विटामिन बी 6 लिया करें 
विटामिन बी 6 गुर्दे की पथरी को दूर करने में बहुत हीं प्रभावकारी साबित होता है।
अगर विटामिन बी -6 को विटामिन  बी ग्रुप के  अन्य विटामिन  के साथ  सेवन किया जाये तो  गुर्दे की पथरी के इलाज में काफी सहायता मिलती है। शोधकर्ताओं ने अपने शोध में  पाया है कि इस बी विटामिन की 100 से 150 मिलीग्राम की एक दैनिक खुराक गुर्दे की  पथरी की चिकित्सीय  उपचार में बहुत फायदेमंद हो सकता है। यह विटामिन मष्तिष्क सम्बन्धी विकारों को भी दूर  करता है।
तुलसी के पत्तों में विटामिन बी पाया जाता है  इसलिए तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को रोजाना  चबाया करें। 
प्याज (कांदा) खाएं : प्याज में गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं। अगर आप सही ढंग से इस घरेलू उपचार का पालन करेंगे तो आपको इसका हैरान कर  देने वाला परिणाम मिलेगा। आपको इसका रस पीना है लेकिन पके हुए प्याज का। इसके लिए आप दो मध्यम आकर के प्याज लेकर  उन्हें अच्छी तरह से छिल लें। फिर एक बर्तन में एक ग्लास पानी डालें और दोनों प्याज को मध्यम आंच पर उसमें पका लें।   जब वे  अच्छी तरह से पक जाये तो उन्हें ठंढा होने दें फिर उन्हें ब्लेंडर में डालकर अच्छी तरह से ब्लेंड कर लें। तत्पश्चात उनके रस को छान लें एवं इस रस का तीन दिनों  तक लगातार सेवन करते रहे। यह घरेलू उपाय राम बाण का काम करता है और दूसरे दिन से हीं गुर्दे की पथरी को बाहर निकालना शुरू कर देता है।

गिरते बालों के लिए घरेलू उपचार (Home remedies for hair falling)

खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए सुंदर और घने बालों का होना जरूरी है। लेकिन बालों में उचित पोषण न मिलने के कारण वे समय से पहले ही गिरने लगते हैं।
 बालों की देखभाल सही तरह से न की जाये तो बाल गिरने शुरू हो जाते हैं। हालांकि सामान्‍यत: लोगों के बाल झड़ते हैं लेकिन सामान्‍य से ज्‍यादा बाल झड़ रहे हैं तो समझिए कि आप बालों की समस्‍या से गुजर रहे हैं। बाल झड़ने के पीछे कई कारण हो सकते है, जैसे – तनाव, इन्फेक्शन, हार्मोन्स का असंतुलन, अपर्याप्त पोषण, विटामिन और पोषक पदार्थों की कमी, दवाओं के साइड इफेक्ट्स, लापरवाही बरतना या बालों की सही देखभाल न करना। घटिया साबुन और शैंपू का प्रयोग भी बालों के गिरने का कारण बनता है। आइए हम आपको गिरते बालों को रोकने के लिए घरेलू नुस्‍खे बताते हैं।
 गिरते बालों के लिए घरेलू नुस्‍खे –
  • बालों का गिरना रोकने और बालों की वृद्धि के लिए सप्ताह में एक बार अपने बालों की रोज़मेरी ऑयल से मसाज कीजिए, इससे बाल मजबूत होते हैं।
  • जवाकुसुम की पत्तियों को थोड़े से पानी में मिलाकर पेस्ट बना लीजिए, इस पेस्‍ट को सिर की त्वचा और बालों पर लगाइए, इससे बाल बढ़ते हैं और घने भी होते हैं।
  • बालों को मजबूत बनाने और टूटने से बचाने के लिए बालों को भरपूर पोषण दीजिए। मेंहदी में भरपूर पोषण होता है जो बालों के लिए फायदेमंद है, इसलिए बालों में मेहंदी लगानी चाहिए।
  • मेंहदी को अंडे के साथ मिलाकर लगाने से ज्‍यादा फायदा होता है। इससे बाल मजबूत होते हैं और बालों का गिरना बंद हो जाता है।
  • गिरते बालों को रोकने के लिए दही बहुत कारगर घरेलू नुस्‍खा है। दही से बालों को पोषण मिलता है। इसके लिए बालों को धोने से कम से कम 30 मिनट पहले बालों में दही लगाना चाहिए। जब बाल पूरी तरह सूख जाएं तो पानी से धो लीजिए।
  • दही में नींबू का रस मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है। नींबू के रस को दही में मिलाकर पेस्‍ट बना लीजिए। नहाने से पहले इस पेस्‍ट को बालों में लगाइए, 30 मिनट बाद बालों को धुल लीजिए। बालों का गिरना कम हो जाएगा।
  • बालों को धोने से एक घंटा पहले बालों में अंडे लगाइए, इससे बाल मजबूत होते हैं।
  • शहद कई बीमारियों को दूर करने में सक्षम है। शहद के प्रयोग से बालों का झडऩा भी रोका जा सकता है। शहद को बालों में लगाने से बालों का गिरना बंद हो जाता है।
  • दालचीनी भी बालों की समस्या को दूर करने का कारगर उपाय है। दालचीनी और शहद के को मिलाकर बालों में लगाइए। इससे बालों का झड़ना बंद होगा।
  • गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर उनका पेस्ट बनाइए। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगाइए और कुछ समय बाद सिर को धो लीजिए। इससे बालों का गिरना कम होगा।

कोहनी और घुटनों की सफाई के लिए घरेलू उपाय (Elbows and knees for cleaning domestic measures)

न क्रीम काम आती है और न ही स्‍क्रब। कोहनी और घुटने की कालिमा इतनी आसानी से कहां जाती है। लेकिन चंद घरेलू उपाय अपनाकर आप पा सकती हैं इस परेशानी से निजात। जानिए कैसे-
kohni aur ghutno ki safai ke liye gharelu upaay
कोहनी और घुटनों की त्‍वचा का कालापन एक आम समस्‍या है। इससे छुटकारा पाना आसान नहीं, पर नामुमकिन भी नहीं है। चंद आसान उपाय अपनाकर इस दिक्‍कत से निजात पाई जा सकती है।
कोहनी और घुटनों की सफाई के लिए आम घरेलू उपाय:
घुटने और कोहनी की सफाई के लिए सबसे लोकप्रिय घरेलू उपाय है नींबू और मलाई का पेस्‍ट। नींबू को छील कर उसमें मलाई मिला लें, नींबू रस से त्वचा की गंदगी दुर होती है। आप त्वचा पर नींबू छिलके को भी रगड़ सकते है। इससे भी त्वचा की अच्‍छी सफाई होती है।
कोहनी और घुटने का रंग हमारी त्वचा के रंग से से अलग होता है। हममें से कई लोगों को शायद ये पता नहीं होगा कि घुटने और कोहनी की सफाई के लिए शहद एक अच्‍छा विकल्प है। ऐसे में आप शहद का उपयोग कर सकते हैं। शहद त्‍वचा को नरम रखता है, जो बहुत लाभ पहुंचाता है। 
मुसब्बर वेरा भी घुटने और कोहनी की सफाई के लिए लिए एक अच्‍छा विकल्‍प है, काले पड़े घुटनों और कोहनी पर नियमित रूप से इसके जेल का उपयोग करने से त्‍वचा के दाग-धब्‍बे भी साफ होते है।

मलाई को दाग-धब्‍बे वाले त्‍वचा पर रगड़ने से वहां की त्‍वचा साफ होती है और त्वचा मुलायम होती है।

झांवां मृत त्वचा को हटाने में काफी प्रभावशाली होता है। नहाते समय झांवें को गीला करके उससे कोहनी और घुटने की सफाई करें। 
नारियल का तेल मॉइस्चराइजिंग गुण से समृद्ध होता है और त्वचा के लिए एक अच्छा टॉनिक भी है। नहाने से पहले अपने पूरे शरीर और कोहनी एवं घुटनों पर नारियल तेल लगाए, इससे त्‍वचा मुलायम रहती है और कोहनी और घुटने की त्‍वचा पर गंदगी नहीं जमती।

यौन शक्ति बढ़ाने के कुछ सरल घरेलू उपाय (Some simple home remedy to increase sexual potency)

इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से  पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।


1. आंवला- 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।

2. सेब-  एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग बोतल में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।

3. अश्वगंधा- अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।

4. सोंठ- 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।

5. अजवायन- 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है

6. छुहारे- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।

7. गाजर- 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250  ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।

8. इमली-आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।

9. कौंच का बीज- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100  ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।

10. चोबचीनी-100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।

11. प्याज-आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।

12. ढाक - ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।

13. जायफल - 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।

14. इलायची - इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।

15. तुलसी- 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।

16. लहसुन- 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।

17. हल्दी - वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।

18. उड़द की दाल - आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।

19. शंखपुष्पी - शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।

20. उंटगन के बीज - 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।

21. गोखरू - सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।

22. बरगद - सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।

23. पीपल - पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।

24. त्रिफला - एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

25. सफेद मूसली - सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है.

आयुर्वेद में खांसी का उपचार (Ayurveda treatment of cough)


आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति मे हर बीमारी का इलाज है। कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनका आयुर्वेद में स्थायी इलाज है। आयुर्वेद की सहायता से कई भयंकर बीमारी को स्थायी रूप से दूर किया जा सकता है। आयुर्वेद में खांसी का उपचार भी मौजूद है। आइए जानें आयुर्वेद में खांसी के उपचार के बारे में।

  • आमतौर पर खांसी होने का मतलब है कि हमारा श्वासन तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है। साथ ही खांसी गले में कुछ तकलीफ होने की और भी इशारा करता है।
  • हालांकि यह साबित हो चुका है कि तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर टीबी की जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि लापरवाही बरतने से खांसी बढ़कर टीबी का रूप ले सकती है।
  • खांसी होने पर पानी पीना चाहिए या फिर पीठ को सहलाने से आराम मिलता है।
  • खाना खाते या बोलते समय खांसी आए तो खाने को धीरे-धीरे छोटी-छोटी बाइट में खाना चाहिए।
  • खांसी होने पर खांसी को रोकने के लिए आमतौर पर मूंगफली,चटपटी व खट्टी चीजें, ठंडा पानी, दही, अचार, खट्टे फल, केला, कोल्ड ड्रिंक, इमली, तली-भुनी चीजों को खाने से मना किया जाता है।



आयुर्वेद में खांसी का उपचार

खांसी का उपचार जितनी जल्दी हो जाएं उतना बेहतर है। आयुर्वेद में खांसी का स्थायी इलाज भी मौजूद हैं। आयुर्वेद के अनुसार, जब कफ सूखकर फेफड़ों और श्वसन अंगों पर जम जाता है तो खांसी होती है। आयुर्वेद की औषधिंयां खांसी में इतनी प्रभावशाली होती हैं कि इन्हें कोई भी आसानी से ले सकता है।

  • सूखी खांसी होने पर अमृर्ताण्व रस सुबह-शाम पानी से लेनी चाहिए।
  • सितोपलादि चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से खांसी में आराम मिलता है।
  • तालिसादि चूर्ण दिन भर में दो-तीन बार लेने से खांसी में कमी आती है।
  • हल्दी, गुड़ और पकी फिटकरी का चूर्ण मिलाकर गोलियां बनाकर लेने से खांसी कम होती है।
  • तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी में सबसे बढि़या रहती हैं।
  • गुनगुने पानी से गरारे करने से गले को भी आराम मिलता है और खांसी भी कम होती है।
  • सूखी खांसी में काली मिर्च को पीसकर घी में भूनकर लेना भी अच्छा रहता है।

  • कुछ गोलियों को चूसने से भी खांसी में आराम मिलता है।
  • चंदामृत रस भी खांसी में अच्छा रहता है।
  • हींग, त्रिफला, मुलहठी और मिश्री को नीबू के रस में मिलाकर लेने से खांसी कम करने में मदद मिलती है।
  • त्रिफला और शहद बराबर मात्रा में मिलाकर लेने से भी फायदा होता है।
  • गले में खराश होने पर कंठकारी अवलेह आधा-आधा चम्मच दो बार पानी से या ऐसे ही लें।
  • पीपली, काली मिर्च, सौंठ और मुलहठी का चूर्ण बनाकर चौथाई चम्मच शहद के साथ लेना अच्छा रहता है।
  • पान का पत्ता और थोड़ी-सी अजवायन पानी में चुटकी भर काला नमक व शहद मिलाकर लेना भी खांसी में लाभदायक होता है। खासकर बच्चों के लिए।
  • बताशे में काली मिर्च डालकर चबाने से भी खांसी में कमी आती है।

खांसी से बचने के सावधानी बरतते हुए फ्रिज में रखी ठंडी चीजों को न खाएं। धुएं और धूल से बचें। खांसी के आयुर्वेदिक इलाज के लिए जरूरी है कि किसी अनुभवी चिकित्सक से संपर्क किया जाएं। अपने आप आयुर्वेदिक चीजों का सेवन विपरीत प्रभाव भी डाल सकता है।

इन घरेलू नुस्खों से बढ़ती है सेक्स पावर और भी (These home remedies are growing Sex Power) Part - 2

आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में तनाव और समय की कमी के कारण लोगों में सेक्स पावर घटता जा रहा है। मनुष्य की शारीरिक स्थिति इस हद तक पहुंच चुकी है कि सेक्स के समय भी वह तनाव और डिप्रेशन में रहता है।
अनेको लोग सेक्स पावर बढ़ाने के लिए वियाग्रा जैसी कई तरह की दवाओं का सेवन कर रहे हैं। जबकि दवाओं के इस्तेमाल को लेकर डॉक्टर का कहना है कि दवा की मात्रा बढ़ने पर व्यक्ति नपुसंकता का शिकार हो जाता है। इसीलिए आज हम कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे लेकर आए हैं, जिससे शरीर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता और इससे सेक्स पॉवर भी बढ़ता है।

चिकन: इसमें जिंक और विटामिन-बी की पर्याप्त मात्रा होता है। यह आहार टेस्टोस्टेरोन को बनाने में सहायक होता है। यह हार्मोन्स व्यक्ति कि सेक्स ड्राइव को बढ़ा देता है।

काली दाल: यह भी टेस्टोस्टेरोन के विकास में सहायक है। काली दाल के बारे में तो डॉक्टर भी यह सलाह देते है कि 40 से कम की उम्र के लोगों को हफ्ते में दो बार इस सेवन करना ही चाहिए। जबकि 40 से ऊपर के लोगों को सप्ताह में तीन बार इसका सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बना रहता है।

ब्राजील नट्स: बादाम की तरह ब्रजील नट्स में भी ऐमिनो एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है। यह यौन संबंधों के लिए एक कुदरती वियाग्रा की तरह काम करती है।

ओएस्टर: सेक्स संबंधी दवाओं में ओएस्टर का प्रयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। इसमें जिंक काफी मात्रा में मौजूद होता है, जो  टेस्टोस्टेरोन का तेजी से उत्पादन करता है। यह आहार स्त्री-पुरुष दोनों की कामवासना को बढ़ाने में सहायक है।

शतावरी:  इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं। जो शरीर को काफी तेजी से कामोत्तेजित करने में सहायक है।


अमरुद: इसमें विटामिन-सी होता है, जो आपकी सेक्शुअल लाइफ को हेल्दी और स्मूथ बनाने में सहायक है

अनार का जूस: कामोत्तेजक खुराक में अनार का जूस सबसे ज्यादा असरकारक है।

केला: केले में मौजूद तत्व ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में असरकारक है और ब्लड प्रेशर का संतुलन कोमोत्तेजना बढ़ाने में सहायक है।

लहसुन : मसालों में इस्तेमाल किया जाने वाला लहसुन हमारे यहां सबसे असरकारक औषधियों में शुमार है। यह न सिर्फ शरीर को कई विकारों से मुक्त रखता है, बल्कि इसमें ऐसे तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो सेक्स पॉवर को बढ़ाने में सहायक हैं।

बादाम : बादाम स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है, यह बताना आवश्यक नहीं। बादाम में विटामिन-ई पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। प्रतिदिन सिर्फ एक-दो बादाम का सेवन ही सेक्स पॉवर बढ़ाने के लिए काफी है।

इन घरेलू नुस्खों से बढ़ती है सेक्स पावर और भी (These home remedies are growing Sex Power) Part-1


आमतौर पर शारीरिक समस्याओं में मुख्य होते हैं, नापुंसकता, इरेक्टल डिस्फक्शन, कामेच्छा का अभाव, जिनकी वजह से कई बार वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर आ जाता है।
गौरतलब है कि आहार मे दूध का प्रयोग, उडद का प्रयोग, नये देसी घी का सेवन, नये अन्नॊ का सेवन, साठी चावल दूध के साथ सेवन, सूखे मेवे, खजूर , मुन्नका, सिंघडा, मधु, मक्खन, मिश्रि, आदि आहार वीर्य वर्धक होते है। जबकि इन समस्याओं से निजात पाने के लिए घरेलू और अनेकों आयुर्वेदिक उपाय हैं। आयुर्वेद में ऐसी अनेक प्रकार की जड़ी-बूटियों का उल्लेख है, जिनके सेवन से आप शारीरिक समस्याओं से निजात पा सकते हैं।

आयुर्वेदिक उपचार:

  • प्रतिदिन दूध के साथ शतावरी का सेवन करें।

  • दूध को बहुत उबाल कर ही पीएं।

  • केले और संतरे का नियमित सेवन करें।

  • घी, मख्खन, हरी सब्जियां, फल और बादाम का रोजाना सेवन करें। इससे प्राटीन मिलता है और शुक्राणुओं में वृद्धि होती है।
  • प्रतिदिन एक ग्लास गाजर का जूस पिएं या फिर प्रतिदिन चार-पांच गाजर खाएं।

  • मूंगफली के दाने और सूखा नारियल खाना भी लाभदायक है।

  • सिर्फ दूध पीना शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। दूध के पाचन के लिए जरूरी हे कि उसमें थोड़ी सी शक्कर भी मिलाई जाएं।
  • शरीर में विटामिन मात्रा बनाए रखने के लिए पालक, फूल गोफी, गाजर जैसी हरी-सब्जियों का सेवन करना बहुत आवश्यक है।

  • शरीरिक कमजोरी के मामले में एक बात का विशेष ध्यान रखें कि शराब-सिगरेट का सेवन बिलकुल न करें।

  • चिकित्सीय सलाह पर अश्वगंधारिष्ट का सेवन भी कर सकते हैं।
  • शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ आहार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पाचन क्रिया भी सही होनी चाहिए।

  • इसके लिए नियमित एक्सरसाइज भी बहुत जरूरी है। नियमित एक्सरसाइज तनाव से मुक्ति व सेक्स लाइफ का खास टॉनिक है।

नोट: हर एक व्यक्ति की शारीरिक बनावट और क्षमताएं अलग-अलग होती है। इसीलिए किसी भी प्रकार की औषिधि या अन्य खाद्य पदार्थो का सेवन चिकित्सीय सलाह पर ही करें।