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Tuesday, 6 October 2015

कोहनी और घुटनों की सफाई के लिए घरेलू उपाय (Elbows and knees for cleaning domestic measures)

न क्रीम काम आती है और न ही स्‍क्रब। कोहनी और घुटने की कालिमा इतनी आसानी से कहां जाती है। लेकिन चंद घरेलू उपाय अपनाकर आप पा सकती हैं इस परेशानी से निजात। जानिए कैसे-
kohni aur ghutno ki safai ke liye gharelu upaay
कोहनी और घुटनों की त्‍वचा का कालापन एक आम समस्‍या है। इससे छुटकारा पाना आसान नहीं, पर नामुमकिन भी नहीं है। चंद आसान उपाय अपनाकर इस दिक्‍कत से निजात पाई जा सकती है।
कोहनी और घुटनों की सफाई के लिए आम घरेलू उपाय:
घुटने और कोहनी की सफाई के लिए सबसे लोकप्रिय घरेलू उपाय है नींबू और मलाई का पेस्‍ट। नींबू को छील कर उसमें मलाई मिला लें, नींबू रस से त्वचा की गंदगी दुर होती है। आप त्वचा पर नींबू छिलके को भी रगड़ सकते है। इससे भी त्वचा की अच्‍छी सफाई होती है।
कोहनी और घुटने का रंग हमारी त्वचा के रंग से से अलग होता है। हममें से कई लोगों को शायद ये पता नहीं होगा कि घुटने और कोहनी की सफाई के लिए शहद एक अच्‍छा विकल्प है। ऐसे में आप शहद का उपयोग कर सकते हैं। शहद त्‍वचा को नरम रखता है, जो बहुत लाभ पहुंचाता है। 
मुसब्बर वेरा भी घुटने और कोहनी की सफाई के लिए लिए एक अच्‍छा विकल्‍प है, काले पड़े घुटनों और कोहनी पर नियमित रूप से इसके जेल का उपयोग करने से त्‍वचा के दाग-धब्‍बे भी साफ होते है।

मलाई को दाग-धब्‍बे वाले त्‍वचा पर रगड़ने से वहां की त्‍वचा साफ होती है और त्वचा मुलायम होती है।

झांवां मृत त्वचा को हटाने में काफी प्रभावशाली होता है। नहाते समय झांवें को गीला करके उससे कोहनी और घुटने की सफाई करें। 
नारियल का तेल मॉइस्चराइजिंग गुण से समृद्ध होता है और त्वचा के लिए एक अच्छा टॉनिक भी है। नहाने से पहले अपने पूरे शरीर और कोहनी एवं घुटनों पर नारियल तेल लगाए, इससे त्‍वचा मुलायम रहती है और कोहनी और घुटने की त्‍वचा पर गंदगी नहीं जमती।

Thursday, 24 September 2015

मिलेगी मुहांसों से मुक्ति

आप यदि मुहांसों से परेशान हैं तो अब आप बेफिक्र हो जाइए। क्योंकि कुछ घरेलू नुस्कों से इनसे निजात पाई जा सकती है। आप जायफल, काली मिर्च और लाल चन्दन तीनों का पावडर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। रोज सोने से पहले दो-तीन चुटकी पावडर हथेली पर लेकर उसमें इतना पानी मिलाएं कि उबटन जैसा बन जाए। इसे खूब मिलाएं और फिर उसे चेहरे पर लगा लें और सो जाएं, सुबह उठकर सादे पानी से चेहरा धो लें। पंद्रह यह दिन तक यह काम करें। इसी के साथ प्रतिदिन ढाई सौ ग्राम मूली खाएं ताकि रक्त शुद्ध हो जाए और अन्दर से त्वचा को स्वस्थ पोषण मिले। कुछ हफ्तों में ही मुहांसे खत्म हो जाएंगे और त्वचा निखर जाएगी।  

Wednesday, 23 September 2015

बूढ़े भी दौड़ने लगे ऐसे हैं ‘ज्वाइंट पेन’ के ये देसी नुस्खे.

 बूढ़े भी दौड़ने लगे ऐसे हैं ‘ज्वाइंट पेन’ के ये देसी नुस्खे.
1. लगभग 8-10 लहसुन की कली को तेल या घी में तल लें और खाना खाने सेपहले उसे चबाएं। इससे जोड़ों के दर्द से तुरंत आराम मिलता है।
-डांग जिला गुजरात के हर्बल जानकारों का मानना है कि लहसुन की कलियों को तलकर या गर्म करके कपूर के साथ मिलाकर दर्द वाली जगह पर थोड़ी देर तक मालिश की जाए तो तुरंत आराम मिलता है।

2. साटोडी के फूल,आबा हल्दी और अदरक की समान मात्रा को मिक्स कर उसका काढ़ा तैयार कर लें। इस काढ़े की दो-तीन चम्मच मात्रा का सेवन करें। इससे भी जोड़ों का दर्द दूर होता है।

3. आंकडा के ताजी पत्तियों पर सरसों का तेल के साथ लेप तैयार कर लें। इस लेप को हल्का गर्म कर दर्द वाली जगह पर लगाने से भी आराम मिलता है.

4. दालचीनी का 2 ग्राम का चूर्ण एक कप पानी में मिलाकर रोजाना सुबह पिएं। इससे जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है। डांग जिले के आदिवासियों के अनुसार यह फॉमरूला डायबिटीज की समस्या से भी निजात दिलाने में सहायक है। आदिवासियों के अनुसार खाने-पीने में भी दालचीनी का उपयोग शरीर को कई तरह की समस्याओं से दूर रखता है।

5. बरसात के दिनों में इंद्रावन के फल का गूदा, नमक और आजवाइन के मिश्रण का सेवन न सिर्फ जोड़ों के दर्द से मुक्ति दिलाता है, बल्कि यह आर्थरायटिस में भी शरीर को काफी लाभ पहुंचाता है।

6. आदिवासी आमतौर पर अनंतवेल के पत्तों की चाय पीते हैं। अनंतबेल की एक ग्राम जड़ लगभग एक कप चाय के लिए काफी है। अगर दिन में दो बार इसका सेवन किया जाए तो जोड़ों के दर्द से तुरंत निजात मिल जाती है।

7. आदिवासी हरी घास, अदरक, दालचीनी और लोंग की समान मात्रा को मिश्रित कर इसकी गोली बनाते हैं। वे इस गोली का नियमित सेवन करते हैं और इसके साथ कम से कम 5 मिली पानी पीने की सलाह देते हैं। यह प्रकिया अगर लगातार एक महीने तक आजमाई जाए तो जोड़ों का दर्द खत्म हो जाता है।

8. पारिजात के 6-7 ताजे पत्ते अदरक के साथ पीस लें और शहद का साथ इसका सेवन करें तो इससे न केवल जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है, बल्कि शरीर की अन्य तकलीफें भी खत्म हो जाती हैं। माना जाता है कि इस फॉमरूले का सेवन सायटिका जैसे रोगों से निजात दिलाने में भी बहुत सहायक है।